सोमवार, 13 सितंबर 2021

हिंदी दिवस 2021 : जानें प्रतिवर्ष क्यो मनाते है हिंदी दिवस |HINDI DIWAS

हिंदी दिवस

हिंदी विश्व की बोली जाने वाली  चौथी प्रमुख भाषा है और विश्व में हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है|भारत में प्रतिवर्ष 14 सितम्बर  को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1918 में  गांधी जी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने कि बात कही थी। जिस पर आगे चल कर संविधान सभा में 14 सितम्बर 1949 को विचार किया गया और  यह निर्णय लिया गया  कि हिन्दी भी भारत  सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। क्योंकि भारत ( हिंदुस्तान) के अधिकतर क्षेत्रों में  हिन्दी भाषा बोली जाती थी इसलिए हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने का निर्णय लिया गया|       
     अतः इसे संविधान में राजभाषा के रूप में जोड़ा गया किन्तु गैर हिंदी राज्यों ने इसका बहुत अधिक विरोध किया  जिसके कारण संविधान में हमें गैर भारतीय भाषा अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देना पड़ा| जिसे हिंदी  राष्ट्रभाषा नही बन पायी इस कारण से भारत सरकार ने हिंदी के महत्व को बढ़ाने, इसके उथान के लिए एवं इसे प्रत्येक  क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष 1953 में पूरे भारत में 14 सितम्बर को हिंदी दिवस मनाने का निर्णय  लिया।

हिंदी के बहिष्कार के बाद

गैर हिंदी राज्यों के घोर विरोध के बाद से 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिंदी दिवस के रूप में मनाये जाने लगा और साथ ही साथ सरकारी स्कूलों, कॉलेजो एवं विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयो में हिंदी सप्ताह का भी आयोजन किया जाता है  जिसके तहत निबंध प्रतियोगिता, भाषण, काव्य गोष्ठी, वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं कराई जाती है, ताकि लोगों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि उत्पन्न हो और वे हिंदी भाषा में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लें। और बहुत से स्थानो पर कवि सम्मेलन आयोजित किया जाता है सरकार ने हिंदी भाषा के महत्व को बढ़ाने के लिए प्रत्येक सरकारी कार्यालय में एक हिंदी विभाग का गठन किया है।

व्यक्तियों का योगदान

 हिन्दी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात बहुत से महान साहित्यकारों ने अथक प्रयास किया जिसमे से प्रमुख साहित्यकार निम्न हैं-   हजारीप्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने विशेष योगदान दिया |

हिन्दी दिवस के दिन देश में आने प्रकार के पुरस्कारों का वितरण  किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में हिन्दी भाषा के प्रति आकर्षण उत्पन्न करना हैं। इस दिन  विशेष रूप से राजभाषा कीर्ति पुरस्कार  और राजभाषा गौरव पुरस्कार दिया जाता है।

राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

यह पुरस्कार उन संस्थान या  कार्यालय  (office) आदि को दिया जाता है। जो किसी भी कार्य में हिन्दी भाषा का अधिक उपयोग करते है। क्योंकि आज के आधुनिक युग में [ जिसमे अंग्रेजी भाषा का प्रचलन है ] अधिकतर  कार्यालय जिसमें सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं, हिन्दी का उपयोग नहीं किया जाता हैं। जो  कुछ करते भी हैं, वे अच्छे हिन्दी शब्दों का उपयोग नहीं करते। इस कारण से देश में हिन्दी भाषा के विकास हेतु यह पुरस्कार ऐसे संस्थानो या कार्यालयो को दिया जाता है, जो अपने दैनिक कार्यों में अच्छे हिन्दी भाषा के शब्दों का उपयोग कर यह दिखाते है कि हिन्दी भाषा में भी किसी भी कार्य को बहुत आसानी से किया जा सकता है।

राजभाषा गौरव पुरस्कार

यह पुरस्कार  भारत के किसी व्यक्ति भी नागरिक को दिया जाता है। जो भी हिन्दी भाषा में विज्ञान और तकनीकी के विषय में कोई किताब लिखा हो। इसका प्रमुख उद्देश्य हिन्दी भाषा को विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। क्योंकि बहुत ही कम लोग अपने लेख , पुस्तके या किसी भी बिषय पर लिखते है | जो कुछ लोग लिख भी हैं, तो वो अपने लेखों में गैर-हिन्दी शब्दों ( उर्दू , अंग्रेजी,फ़ारसी, पंजाबी आदि) का अधिक उपयोग करते हैं।

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष कुल 13 लोगों को ''हिंदी दिवस'' 14 सितम्बर के दिन दिया जाता है। इसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹2,00,000,  द्वितीय पुरस्कार  ₹1,50,000 और तृतीय पुरस्कार ₹75,000 रुपये मिलता है। इसके अलावा 10 लोगों को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में  ₹10,000 -   ₹10,000 रुपये मिलता है। इसके अलावा सभी लोगों को स्मृति चिन्ह भी मिलता है।

कोई भी भारतीय नागरिक जो हिंदी भाषा में विज्ञान या तकनीकी के क्षेत्र में 100 या इससे अधिक पृष्ठों में कोई किताब लिखता है तो वह उस किताब की जानकारी सरकार को भेज सकता है ताकि उसे  उन 13 लोगो में चुना जा सके और वहाँ पुरुस्कार प्राप्त कर सकें|


आप सभी हिंदी भाषा प्रेमियों एवँ भारत के सभी नागरिकों को mppsctarget team की ओर से हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 

आये आप और हम हिंदी भाषा के विकास में  योगदान  दे हम अपने दैनिक जीवन में गैर हिंदी भाषा ( अंग्रेजी , उर्दू आदि ) का उपयोग काम से काम करे और हिंदी भाषा में ही हो सके तो अपना कार्य करें|

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