शनिवार, 21 अगस्त 2021

Kshipra river (क्षिप्रा नदी )


          Kshipra river (क्षिप्रा नदी )


क्षिप्रा नदी मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित काकरी बरड़ी के समीप बणेश्वर कुंड से निकलती है। जो राज्य के रतलाम, उज्जैन, मंदसौर जिलों में प्रवाहित होती है। इस नदी को मालवा की गंगा के नाम से जाना जाता है। मध्य प्रदेश में यह नदी उत्तर-पूर्वी दिशा की ओर उज्जैन से प्रवाहित होती हुई कोटा (राजस्थान) के समीप चम्बल नदी में मिल जाती है।

                       Kshipra River 
                     

मोक्ष दयनीय माँ क्षिप्रा प्राकृतिक दृश्य


                            क्षिप्रा नदी

      देश                -           भारत🇮🇳

     राज्य              -          मध्यप्रदेश
     उद्गम               -      बानेश्वर कुंड,काकरी बरडी,                             इंदौर जिला , म. प्र. राज्य ,भारत

    लम्बाई              -     195 किमी
 
    समापन             -  कोटा के समीप चम्बल नदी में
    
     प्रवाह क्षेत्र         -    13,200 वर्ग  किमी 
                                ( इंदौर व उज्जैन में) 

क्षिप्रा के किनारे बसें प्रमुख  नगर

                   उज्जैन , देवास , धार
          

क्षिप्रा नदी के अन्य नाम :- 
  पूर्ण सलिला, पापहरिणी, मोक्षदायिनी, अवन्ति, अमृतसंभवा, ज्वरहनी, कनक शृंगा, प्रलोक्य तथा सोमवती।

प्रसिद्ध स्थान 

   महाकालेश्वर मन्दिर (उज्जैन), त्रिवेणी घाट, रामघाट, नृसिंह घाट, गऊ घाट, दत्त अखाड़ा, चिंतामन गणेश मन्दिर, सिंहवट, भर्तृहरि गुफा, कालभैरव मंदिर, संदीपनी आश्रम, कालिया देह महल, राम जर्नादन मंदिर आदि इसी नदी के तट पर स्थित हैं। 

उज्जैन नगरी में माँ क्षिप्रा



क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित उज्जैन में प्रत्येक 12 वर्षों के पश्चात् सिंहस्थ महाकुम्भ मेले का आयोजन होता है।







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