शुक्रवार, 13 अगस्त 2021

Chambal river| चम्बल नदी gk in hindi

          चम्बल नदी



चम्बल नदी का उदगम जानापाव पहाड़ी के बांचु पाइंटमहू (इंदौर )  से हुआ है यह यमुना में मिलने वाली मध्य भारत की नदी हैं इसका प्राचीन नाम "चरमवाती" है। यह नदी भारत में उत्तर तथा उत्तर-मध्य भाग में राजस्थान के कोटा तथा धौलपुर, मध्य प्रदेश के धार, उज्जैन, रतलाम, मन्दसौर, भिंड, मुरैना आदि जिलों से होकर बहती है। यह नदी दक्षिण की ओर मुड़ कर उत्तर प्रदेश राज्य में यमुना में मिल जाती है यह नदी  राजस्थान और मध्य प्रदेश के मध्य उतरी सीमा बनाती है। 

इस नदी के जल द्वारा अवनालिका अपरदन से भिण्ड , मुरैना के निकट गहरी खाईयां बन जाती है जो डाकुओं के छुपने का आश्रय स्थल बन जाते हैं।

          

चम्बल नदी

उदगम स्थल    -  जानापाव पहाड़ी के बांचु                                           पाइंट,  महू (इंदौर ) 

समापन          -  इटावा (उ.प्र ) में यमुना में मिल                                 जाती है

लम्बाई             -  965 किमी

सहायक नदी    -  क्षिप्रा नदी, कालीसिंध, पार्वती, बनास                           नदी, मेज, बामनी, सीप काली सिंध,                              छोटी कालीसिंध, कुनो, ब्राह्मणी, परवन                        नदी, बागेडी नदी, गंभीर नदी, खान नदी

परियोजना       -    गांधी सागर जल विधुत परियोजना                                  (नीमच के निकट ) , 

                             राणा सागर जल विधुत परियोजना                                   ( चित्तौड़गढ़, राजस्थान ), 

                              जवाहर सागर जल विधुत                                             परियोजना ( कोटा , राजस्थान) और                               कोटा बैराज (कोटा) 

◆ चम्बल परियोजना म. प्र. और राजस्थान की सयुंक्त परियोजना हैं।।

◆ चम्बल नहर से भिण्ड , मुरैना, ग्वालियर, मन्दसौर, नीमच जिलो में सिंचाई होती हैं।


यह एक बारहमासी नदी है। इसका उद्गम स्थल जानापाव की पहाड़ी (मध्य प्रदेश) है।  यह दक्षिण में महू शहर के, इन्दौर (इंदौर) के पास, विन्ध्य (विंध्य) रेंज में मध्य प्रदेश में दक्षिण ढलान से होकर गुजरती है। यह गंगा बेसिन का भाग है। चम्बल और उसकी सहायक नदियाँ उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के नाले, जबकि इसकी सहायक नदी, बनास, जो अरावली पर्वतों से शुरू होती है इसमें मिल जाती है। चम्बल, कावेरी, यमुना, सिन्धु पहुज भरेह के पास पचनदा में, उत्तर प्रदेश राज्य में भिण्ड (भिंड) और इटावा जिले की सीमा पर शामिल पाँच नदियों के सङ्गम (संगम) समाप्त होता है।

चम्बल नदी का कुल अपवाह तन्त्र 19,500 वर्ग किमी हैं।


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